दोस्ती की पुरानी यादे
दोस्ती की पुरानी यादे
दोस्तों की वो पुरानी यादें
दिल से करती बहुत बातें,
क्या करे दोस्त मजबूरी है
नोकरी भी करना जरूरी है
दोस्ती के वो पुराने वादे,
तोड़ती तहखानों के ताले
कब वो पुराने दिन लौटेंगे,
आंखों पे लगे जाले टूटेंगे,
वो पुराने लम्हो के तराने
गुदगुदाते अकेले में न जाने
मित्रों के साथ गाये वो गाने,
दिल को सुकूँ देना बड़ा जाने
दोस्ती की वो पुरानी यादें
दिल से करती बहुत बातें,
जब भी बड़ा उदास होता हूँ
जग से निराश बड़ा होता हूँ,
तब ये पुरानी यादे,बनती दवा
तू क्यों डरता मित्र मस्ताने?
हम है,तेरे नजदीक के दाने
तू हमेशा खुश रहना,मित्र
हम रहेंगे तेरे दिल के दाने
जब तक चलेंगे हमारी,
इन सांसो के अफसाने!
