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Dinesh Dubey

Abstract

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Dinesh Dubey

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दोष

दोष

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बहुत आसान है दोष देना,

जब डूबते है, तो पानी को दोष,


जब हारते हैं, तो दूसरो को दोष,

लक्ष्य ना मिलने पर भाग्य को दोष।


खुद ना देखे तो नजरो का दोश,

कुछ ना कर पाए तो दुनिया का दोष,


खुद तो सम्हल कर नहीं चलते लोग,

गिर जाए तो पत्थर का दोष।


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