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SANIYA KHAN

Classics

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SANIYA KHAN

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दिवाली

दिवाली

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दीयों की तरह रिश्तो को चमकाना दिवाली का नाम है।

सभी के दिल में प्रेम लाना दिवाली का नाम है।

चेहरे पर मुस्कुराहट लाना दिवाली का नाम है।

हर घर में सफाई अभियान का चलना दिवाली का नाम है।

खुद के लिए नहीं बल्कि दूसरों के लिए खुश होना और दूसरों में खुशियां बांटना भी उस दिवाली का नाम है l

जागती आंखों में भी सपने का संजोना दिवाली का नाम है।

लोगों के घरों को मस्जिद जैसा पाक कोई मंदिर जैसा भव्य बनाना भी दिवाली का नाम है।

हर जो रिश्ता जो धागे से बना है उस धागे को मजबूती देना भी दिवाली का नाम है।


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