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Shyam Kunvar Bharti

Classics

3  

Shyam Kunvar Bharti

Classics

दिवाली में

दिवाली में

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कहीं दीप कहीं दिल जले दिवाली में

कहीं सोना कहीं मिट्टी दिया जले दिवाली में

खत्म कर बनवास आयोध्या राम आए आज

हर आमो खास घर सजे दीवाली में।


कहीं धन कहीं अन्न का भंडार भरा

कहीं दिल से दिल मिले दीवाली मे 

हर कर्मबीर कर्म फल मिलता है

गरीब बच्चों मुख मुस्कान खिले दीवाली में।


गरीब अमीर धर्म मजहब फासला ना रहे

घर सबके उजाला रहे दीवाली में

देश की सीमा जान हथेली रखते जवान

दुश्मनों मुक्कमल जवाब मिले दीवाली में।


विदेशी नहीं दीया मिट्टी जलाना है हमें

हुनरमंद हाथों सौगात मिले दीवाली में

घर के कूड़े कचड़े बुराई बाहर कर दो

स्वक्ष सुंदर घर लक्ष्मी वास मिले दीवाली में।


रिद्धी सिद्धि शुभ लाभ सदा संग विराजे

उत्तम कार्य जैकार मिले दीवाली में।


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