Vilas Yadavrao kaklij
Comedy Romance Action
बस एक दिन
नारी के नाम क्यों मनाया जाता है दिन।
बस एक साल भर नारी के नाम क्यों
मनाया जाता है दिन नसावा महिला दिन
जिंदगी भर नारी रहती है दीन।।
प्रेम कि यातन...
मुसाफिर
दिन
चारोळया
इन ग्रहों के चक्कर में हमारी शादी का चक्कर चल नहीं पाया । इन ग्रहों के चक्कर में हमारी शादी का चक्कर चल नहीं पाया ।
स्वस्थ रहकर हम दवा का खर्च नहीं बचाएंगे डाक्टरों के पेट पर लात मारने का काम भला हम कै स्वस्थ रहकर हम दवा का खर्च नहीं बचाएंगे डाक्टरों के पेट पर लात मारने का काम ...
हर दिन हमारी आँखों के सामने, हमारे आसपास इंसानियत का कत्ल होता है और हम कुछ करना तो दूर कुछ कहते भी ... हर दिन हमारी आँखों के सामने, हमारे आसपास इंसानियत का कत्ल होता है और हम कुछ करना...
वो मेहनत के दिन वो मीठी झिड़कियों के दिन हर किसी को याद आते हैं वो पुराने दिन। वो मेहनत के दिन वो मीठी झिड़कियों के दिन हर किसी को याद आते हैं वो पुराने दिन...
बच्चों की खुशी के लिए सब कुछ करते है पर बच्चों की खुशी किसमें है यही पुछना हमेशा बच्चों की खुशी के लिए सब कुछ करते है पर बच्चों की खुशी किसमें है यही पु...
चुटकियों में मिल जो रहा है, तभी तो वो मुझे अपना गुरु मानने लगा है। चुटकियों में मिल जो रहा है, तभी तो वो मुझे अपना गुरु मानने लगा है।
जनता के रक्त की बूंद बूंद पीकर कर रहे रखवाली जनता के रक्त की बूंद बूंद पीकर कर रहे रखवाली
बेशक मुझमें बदबू है, पर जो भी अपनाया उसे ये जिस्म भाया है बेशक मुझमें बदबू है, पर जो भी अपनाया उसे ये जिस्म भाया है
उनका तो वायदा ही बदलाव की राजनीति का था शिक्षा के साथ शराब माडल में गुनाह क्या है? उनका तो वायदा ही बदलाव की राजनीति का था शिक्षा के साथ शराब माडल में गुनाह क्य...
चलती का नाम गाड़ी बढ़ती का नाम दाढ़ी जो न रखे अनाड़ी चलती का नाम गाड़ी बढ़ती का नाम दाढ़ी जो न रखे अनाड़ी
शर्मा जी की घरवाली को एक दिन मिला बड़ा खज़ाना, बोले शर्मा जी क्या है यह माजरा ज़रा हमे शर्मा जी की घरवाली को एक दिन मिला बड़ा खज़ाना, बोले शर्मा जी क्या है यह माजरा...
मज़ाक और रसमलाई दोनों का हिसाब बराबर चुकाया। मज़ाक और रसमलाई दोनों का हिसाब बराबर चुकाया।
रंग काला हममें जो मिला तो, खुद अपना रंग हम खो देंगे रंग काला हममें जो मिला तो, खुद अपना रंग हम खो देंगे
ट्रेन से टक्कर खाकर सिर मेरा खुल गया छोटा 'दिमाग़' मेरा वहीं, कहीं गिर गया। ट्रेन से टक्कर खाकर सिर मेरा खुल गया छोटा 'दिमाग़' मेरा वहीं, कहीं गिर गया।
बहुत दिनों से मैं सोच रहा था कि काश! मैं भी भगवान होता। बहुत दिनों से मैं सोच रहा था कि काश! मैं भी भगवान होता।
रावण की जगह लेने की कोशिश भी न करो, रावण की जगह लेने की कोशिश भी न करो,
अभी बिस्तर से उतरकर खड़ा ही हुआ था कि यमराज से मुलाकात हो गई। अभी बिस्तर से उतरकर खड़ा ही हुआ था कि यमराज से मुलाकात हो गई।
दूसरों के पैरों की ठोकर खाने के लिए वहीं पड़ा रहने दिया दूसरों के पैरों की ठोकर खाने के लिए वहीं पड़ा रहने दिया
सालियों द्वारा जूते चुराने के भरपूर प्रयास किए जा रहे थे, सालियों द्वारा जूते चुराने के भरपूर प्रयास किए जा रहे थे,