Vilas Yadavrao kaklij
Comedy Romance Action
बस एक दिन
नारी के नाम क्यों मनाया जाता है दिन।
बस एक साल भर नारी के नाम क्यों
मनाया जाता है दिन नसावा महिला दिन
जिंदगी भर नारी रहती है दीन।।
प्रेम कि यातन...
मुसाफिर
दिन
चारोळया
भारतीय लोकतंत्र को समर्पित एक भावान्जलि भारतीय लोकतंत्र को समर्पित एक भावान्जलि
इतिहास की परीक्षा थी उस दिन, चिंता में दिल धड़कता था। इतिहास की परीक्षा थी उस दिन, चिंता में दिल धड़कता था।
काश! पुरुषों का भी श्रृंगार बाॅक्स होता काजल लिपिस्टिक उसमें कतई न होता। काश! पुरुषों का भी श्रृंगार बाॅक्स होता काजल लिपिस्टिक उसमें कतई न होता।
पीपल भी सूना पड़ा है झूले भी ढीले हो गए पीपल भी सूना पड़ा है झूले भी ढीले हो गए
चालें चलता हर कोई, देने को शह मात जीवन में चलते रहते हैं घात और प्रतिघात। चालें चलता हर कोई, देने को शह मात जीवन में चलते रहते हैं घात और प्रतिघात।
आज सुबह सुबह दो बहनों में लड़ाई हो गई कॉलोनी के बीच चौराहे पर हाथापाई हो गई। आज सुबह सुबह दो बहनों में लड़ाई हो गई कॉलोनी के बीच चौराहे पर हाथापाई हो गई।
मैंने कहा, एक चिराग मिला था मुझे कविता लिखने वाला उसमें निकला जिन। मैंने कहा, एक चिराग मिला था मुझे कविता लिखने वाला उसमें निकला जिन।
आज के बच्चों के नये-नये शौक नए फसाने हैं तरह-तरह के मोबाइल हाथ में। आज के बच्चों के नये-नये शौक नए फसाने हैं तरह-तरह के मोबाइल हाथ में।
इससे ज्यादा मुहब्बत भी ठीक नहीं है यारों जोश में ये एसिडिटी के दलदल में धंसा जाती है इससे ज्यादा मुहब्बत भी ठीक नहीं है यारों जोश में ये एसिडिटी के दलदल में धंसा...
अम्मा अब्बा का करो या ना करो तुम कदर, पेरेंट्स के वीडियो पर दुख जताते सही। अम्मा अब्बा का करो या ना करो तुम कदर, पेरेंट्स के वीडियो पर दुख जताते सही।
ट्रेन से टक्कर खाकर सिर मेरा खुल गया छोटा 'दिमाग़' मेरा वहीं, कहीं गिर गया। ट्रेन से टक्कर खाकर सिर मेरा खुल गया छोटा 'दिमाग़' मेरा वहीं, कहीं गिर गया।
मोटी मोटी काली काली जुओं को सिर में पाला। मोटी मोटी काली काली जुओं को सिर में पाला।
क्या होती है गरीबी? क्या करती है ये गरीबी? क्या होती है गरीबी? क्या करती है ये गरीबी?
बर्फ की बारिश का नजारा बड़ा प्यारा है। बर्फ की बारिश का नजारा बड़ा प्यारा है।
शर्मिंदा हो रहे हो मेरे कुछ ही लफ्जों से अब छोड़ो पूरा मसला मैं मान तो गया। शर्मिंदा हो रहे हो मेरे कुछ ही लफ्जों से अब छोड़ो पूरा मसला मैं मान तो गया।
लड़कियों ने आंखें बड़ी की, आंखें तरेरी , हाथ नचाते हुए बोली समय नहीं है। लड़कियों ने आंखें बड़ी की, आंखें तरेरी , हाथ नचाते हुए बोली समय नहीं है।
आजकल डर का माहौल कुछ ज्यादा है आजकल डर का माहौल कुछ ज्यादा है। आजकल डर का माहौल कुछ ज्यादा है आजकल डर का माहौल कुछ ज्यादा है।
मेरे प्रभु! आफर सोलह आने है सही, अवसर का लाभ उठाइए अपने इष्ट मित्रों को भी बताइए, मेरे प्रभु! आफर सोलह आने है सही, अवसर का लाभ उठाइए अपने इष्ट मित्रों को भी...
बहुत दिनों से मैं सोच रहा था कि काश! मैं भी भगवान होता। बहुत दिनों से मैं सोच रहा था कि काश! मैं भी भगवान होता।
साले साली की महिमा ऐसी, मरू में हरे सरोवर जैसी । घर पे होते जो मेहमान , नित मिलते मेवा प... साले साली की महिमा ऐसी, मरू में हरे सरोवर जैसी । घर पे होते जो मेहमान , ...