Vilas Yadavrao kaklij
Action Fantasy Thriller
ना घर ना द्वार
सदा सर्वदा होता है उदार
उसे कहते हैं मुसाफिर।
ना आगे ना पीछे
सदा सर्वदा होता है अकेला
उसे कहते है मुसाफिर।
प्रेम कि यातन...
मुसाफिर
दिन
चारोळया
मिलजुल कर बैठ कर सूखी रोटी भी प्यार के साथ खाई जाए तो दावत बन जाता है। मिलजुल कर बैठ कर सूखी रोटी भी प्यार के साथ खाई जाए तो दावत बन जाता है।
पैसा मैंने बहुत कमाया। मगर पैसे खुद के लिए समय न कमाया। पैसा मैंने बहुत कमाया। मगर पैसे खुद के लिए समय न कमाया।
हाथ पकड़ उसका जो तुझे दिखता नहीं वो देख महादेव ने तुझे बुलाया है हाथ पकड़ उसका जो तुझे दिखता नहीं वो देख महादेव ने तुझे बुलाया है
यह हल्दीघाटी नहीं शौर्य, पराक्रम की निशानी है यह हल्दीघाटी नहीं शौर्य, पराक्रम की निशानी है
कुछ अपनों के साथ बिताए गए सारे दिन पल याद आए जो दिल की गहराइयों में कहीं छुप गए थे । कुछ अपनों के साथ बिताए गए सारे दिन पल याद आए जो दिल की गहराइयों में कहीं छुप गए ...
क्षमा मांगो और वापस ऐसा न करने का प्रण करो। क्षमा मांगो और वापस ऐसा न करने का प्रण करो।
थोड़ा बड़े होने पर यह होता दोस्तों के बीच जिसका रंग एकदम मस्ती भरा होता। थोड़ा बड़े होने पर यह होता दोस्तों के बीच जिसका रंग एकदम मस्ती भरा होता।
देख कर सुबह का समाचार पत्र मां का मन तो धक से रह जाए। देख कर सुबह का समाचार पत्र मां का मन तो धक से रह जाए।
जब मैंने तुमसे थोड़ी वही मदद जो तुमको करी है वापस मांगी। जब मैंने तुमसे थोड़ी वही मदद जो तुमको करी है वापस मांगी।
आज गुजरा जमाना याद आ गया। मां तेरे साथ बिता एक एक पल मुझे याद आ गया। आज गुजरा जमाना याद आ गया। मां तेरे साथ बिता एक एक पल मुझे याद आ गया।
इस तरह तूफानी बरसात में हम अपने नाती को ले घर आए। वो मंजर आज भी याद है। इस तरह तूफानी बरसात में हम अपने नाती को ले घर आए। वो मंजर आज भी याद है।
जैन धर्म के हम हैं अनुयाई उनके महा व्रतों का हम पालन करते हैं। जैन धर्म के हम हैं अनुयाई उनके महा व्रतों का हम पालन करते हैं।
खाली राम नाम रटने से पेट नहीं भरने वाला उसको चलाने के लिए कुछ काम तो करना ही पड़ेगा। खाली राम नाम रटने से पेट नहीं भरने वाला उसको चलाने के लिए कुछ काम तो करना ही पड़...
काले काले बादलों को पालकी में उड़ा रहा दूषित पवन । यह देख मन दुखित हुआ। काले काले बादलों को पालकी में उड़ा रहा दूषित पवन । यह देख मन दुखित हुआ।
इसीलिए करते हैं हम ईश्वर को धन्यवाद कि उन्होंने हमको इतना प्यारा परिवार दिया। इसीलिए करते हैं हम ईश्वर को धन्यवाद कि उन्होंने हमको इतना प्यारा परिवार दिया।
खुद मेहनत कर खून पसीना एक कर बच्चे के सारे सुख इकट्ठे कर पाता। खुद मेहनत कर खून पसीना एक कर बच्चे के सारे सुख इकट्ठे कर पाता।
आने वाली आफत से क्या घबराना, हिम्मत से काम ले कुछ भी बुरा नहीं होगा आने वाली आफत से क्या घबराना, हिम्मत से काम ले कुछ भी बुरा नहीं होगा
पेड़ों के पत्तों से झर-झर करते हुए। मानो पेड़ के पत्ते की बरसात कर रहे हैं। पेड़ों के पत्तों से झर-झर करते हुए। मानो पेड़ के पत्ते की बरसात कर रहे हैं।
मैं खुद को नहीं पाता हूं पता नहीं इस व्यापकता की व्यापकता मैं कहां खो जाता हूं मैं खुद को नहीं पाता हूं पता नहीं इस व्यापकता की व्यापकता मैं कहां खो जात...
हम जीवन में कितना बढ़ते सूरज सा हर दिन ही चढ़ते हम जीवन में कितना बढ़ते सूरज सा हर दिन ही चढ़ते