STORYMIRROR

Amrita Rai

Romance

3  

Amrita Rai

Romance

दिल

दिल

1 min
272

दिल को नही मालूम

कि वो क्या कर बैठा

दिल लगाने का गुनाह का बैठा

कांटों भरे रास्ते पर चलने का शौक जगा बैठा

जिस पर चलने की सजा सिर्फ दर्द

रुसवाईयां, तड़पन,अश्क और घुटन

मुफ्त मोल कर बैठा

अपना सुकूं और चैन अपने खो बैठा

अनजाने में खुद को ही जला बैठा ।।



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance