Sunayana Borude
Fantasy Others
ओ दिल की रानी मेरे
दिल का सुकून दे जा..
चुराया जो इश्क़ से मेरे
दिल का जुनून दे जा.....
कर ले शरम हया सी
इतना गुरूर ना कर
जरा सी तसल्ली दे दे
इश्क़ रूमानी दे जा..
इशारे प्यार क...
तेरा इश्क़
राज दिल का..
प्यार का उधार...
दिल दिवाना...
प्यार का उधार
नुरानी प्यार
दिल बेचारा
बैगाना दिल
आशिकी की आयत
इतना हँसा की रुला दे मुझे, दिल के हर ज़ख्म दिखा दे मुझे ! इतना हँसा की रुला दे मुझे, दिल के हर ज़ख्म दिखा दे मुझे !
कई बार खुद को आजमाया है मैंने दुनिया में कुछ तन्हा सा हूँ यहाँ और ये तन्हाई बेहिसाब। कई बार खुद को आजमाया है मैंने दुनिया में कुछ तन्हा सा हूँ यहाँ और ये तन्हाई ...
गीता, वेद, पुराण से ज्ञानदाता विद्या महेश्वर तुमसे है। गीता, वेद, पुराण से ज्ञानदाता विद्या महेश्वर तुमसे है।
प्यार की गहराई को समझना चाहती हूं आज किसीसे गुफ़्तगू करना चाहती हूं। प्यार की गहराई को समझना चाहती हूं आज किसीसे गुफ़्तगू करना चाहती हूं।
स्वच्छ रहना और स्वच्छ रखना यही हमारा आज का मकसद है ! स्वच्छ रहना और स्वच्छ रखना यही हमारा आज का मकसद है !
जैसा कि मैं तुम्हारे साथ फिर से प्यार में पड़ गया तुम्हारे साथ... जैसा कि मैं तुम्हारे साथ फिर से प्यार में पड़ गया तुम्हारे साथ...
यह पल है जिंदगी के कब कैसे बीत जाए कोई नहीं सोच सकता है। यह पल है जिंदगी के कब कैसे बीत जाए कोई नहीं सोच सकता है।
रात के अंधेरों में ढूँढता है एक शख्स वफ़ा। रात के अंधेरों में ढूँढता है एक शख्स वफ़ा।
यादें थी, वादें भी थे सब कुछ था लेकिन 'वह' बात नहीं थी। यादें थी, वादें भी थे सब कुछ था लेकिन 'वह' बात नहीं थी।
मैं भी काम करना चाहता हूँ बेरोजगार से कमाऊं बनना चाहता हूं। मैं भी काम करना चाहता हूँ बेरोजगार से कमाऊं बनना चाहता हूं।
कुछ रंग चुराने की लालसा में, यूँ ही उड़ती चलूँ मैं, एक पीली तितली सी। कुछ रंग चुराने की लालसा में, यूँ ही उड़ती चलूँ मैं, एक पीली तितली सी।
ऑनलाइन वनलाइन वाले इस मुहब्बत में शायदहर किसी का यहां यही किस्सा है ! ऑनलाइन वनलाइन वाले इस मुहब्बत में शायदहर किसी का यहां यही किस्सा है !
तब भी क्या तुम ऐसे ही मौन पड़े रहते हो, निर्निमेष टकटकी बांधकर। तब भी क्या तुम ऐसे ही मौन पड़े रहते हो, निर्निमेष टकटकी बांधकर।
उन्हें हम आगे बढ़ाएंगे पीढ़ी दर पीढ़ी उन्हें अपनाएंगे। उन्हें हम आगे बढ़ाएंगे पीढ़ी दर पीढ़ी उन्हें अपनाएंगे।
सागर को भी गर्त का संज्ञान लेना चाहिए, कष्ट को भी कष्ट का एहसास होना चाहिए | सागर को भी गर्त का संज्ञान लेना चाहिए, कष्ट को भी कष्ट का एहसास होना चाहिए |
एक वजह वही खुश रहने की बेवजह ये दुनिया सारी है। एक वजह वही खुश रहने की बेवजह ये दुनिया सारी है।
कभी इन से रिहाई की आरजू की ख्वाहिश होगी। कभी इन से रिहाई की आरजू की ख्वाहिश होगी।
'इकतारा' शब्द सुनते ही आपके मस्तिष्क में क्या आता हैं? उन्हीं भावनाओं को शब्दों में पिरोकर आपके सम्म... 'इकतारा' शब्द सुनते ही आपके मस्तिष्क में क्या आता हैं? उन्हीं भावनाओं को शब्दों ...
खुदा भी लिख कर मेरे लिए तुझे, फैंक दिया होगा टुकड़ा कहीं। खुदा भी लिख कर मेरे लिए तुझे, फैंक दिया होगा टुकड़ा कहीं।
हौसला बढ़ाते हैं खुद अपनी पीठ थपथपाकर, अगर हाथ उनका होता तो क्या बात थी ! हौसला बढ़ाते हैं खुद अपनी पीठ थपथपाकर, अगर हाथ उनका होता तो क्या बात थी !