दिल की ख्वाईश..
दिल की ख्वाईश..
इक ख्वाईश है मेंरी
दिल की दुआ है....सौ मन्नतों में
मिला दे खुदा उस से
बस गया है जो....दिल की जन्नतों में
बहारो सा जो छा गया
हर मंजर में मेंरे....रह के हर सवेर हर शाम
ढूंढता फिर रहा हर सबब में उसे..
कोई बता दे उस...हसीना का नाम
इक दीदार का सपना है बस
मेंरी आयतों मेंं
मिला दे खुदा उस से...
बस गया है जो....दिल की जन्नतो मेंं!

