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Umakant Yadav

Romance

4  

Umakant Yadav

Romance

दिल की बात

दिल की बात

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चमकती आंखों में आंसू न बहाना तुम

दिल की हर बात दिल से बताना तुम।


मन की बेचैनियों को जहन में न रखो

दिलवर की तरह दिलबाग दिखाना तुम।


मन में रंगीनें सपने सहेज लेना जब

गुलशन के हर फूल में रंग दिखाना तुम।


दुनियां के अफसानो से न दिल मचले

मन से महबूब की मेहंदी लगाना तुम।


इश्क के बंधन में गुनगुना देना मधुर गीत

उमंग की नज़रों से जब नजरें मिलाना तुम।


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