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PRATAP CHAUHAN

Abstract Thriller Children

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PRATAP CHAUHAN

Abstract Thriller Children

दीपोत्सव

दीपोत्सव

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आओ जगमग कर दें जग को,

मुँडेरों पर दीप जलाकर।

परिवेश करें पावन अपना,

आंगन में शुभ रंगोली बनाकर।


आओ बच्चों रंग ले आओ,

एक सुंदर रंगोली बनाओ।

पावन त्योहार दीपोत्सव,

दीप जलाकर इसे मनाओ।


आओ बच्चों जल्दी आओ,

फुलझड़ियां को जल्दी जलाओ।

एक अनार यहां पर रख दो,

उसे चला कर हमें दिखाओ।


बच्चे बूढ़े और जवान,

आज नए कपड़े पहनेंगे।

महिला मंडल उत्सुक होकर,

नए-नए गहने पहनेंगे।


जगमग जगमग दीप जलेंगे,

चमकेंगे प्रांगण में भी सारे।

और बधाई देंगे हमको,

प्रियजन रिश्तेदार हमारे।


हम भी सब को फोन करेंगे,

उनको हम भी बधाई देंगे।

इस पावन बेला पर हम भी,

शुभ दीपोत्सव कहेंगे।


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