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Manju Saraf

Abstract

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Manju Saraf

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दीप जलाएं

दीप जलाएं

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आओ हर घर दीप जलाएं हम

फैला जो तिमिर घनेरा उसको

प्रकाश पुंज से भगाएं हम

एक दीप जले सबके विश्वास का

एक दीप सबके मन की आस का


हर ओर छाया कैसा भय

उस भय को दूर हटाएं हम।

एक दीप जले सबकी आस्था का भूख

गरीबी से लड़ते लाचार बेसहारो का


समाज की विसंगतियों को मिटायें

हम आओ मिलकर दीप जलाएं हम

अपनी संस्कृति है हमको प्यारी अपनी

एकता मिलकर आज दिखाएं

हम सब मिलकर दीप जलाएं हम


कोरोना को मिलकर ही हमें हराना है

ज्ञान का दीप जलाते हमें जाना है

स्वस्थ हों सब खुशहाल हमारा राष्ट्र हो

बस बिगुल जीत का बजाना है

आओ हर घर दीप जलाएं हम

प्रकाश पर्व हमें मनाना है।


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