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Manju Saraf

Inspirational


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Manju Saraf

Inspirational


हिंदी अपनी मातृभाषा

हिंदी अपनी मातृभाषा

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धरती पर गिरते ही सबसे पहली पहचान थी हिंदी ,

मुख से निकला पहला शब्द था हिंदी में

 " माँ " इसी से आगे बढ़ बोलना सीखा , 

हर पल सीखना और सिखाना सब हिंदी में ,

हमारे खून में हमारे रग रग में हिंदी ,

फिर हिंदी पर क्यूँ न हम गर्व करें ,

हिंदी अपनी मातृ भाषा हिंदी का सम्मान करें ,

हर पल जितना हो बस हिंदी का गुणगान करें ,

आनी चाहिए उतनी ही शर्म हमें हिंदी न आने पर ,

आती है जितनी अंग्रेजी न आने पर ,

हर भावनाओँ का सैलाब है हिंदी ,

हम सबकी बस जान है हिंदी ,

हमारे वतन की आन है हिंदी ,

हिंदुस्तान की शान है हिंदी ।।



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