धन्वंतरि का अमृत कलश धनतेरस
धन्वंतरि का अमृत कलश धनतेरस
धन को सहेज कर रखने की एक विधि है,
ज़रूरतमंदों पर खर्च दो, यह ऐसी निधि है!
कार्तिक माह कृष्ण पक्ष सबको सुहाती है,
आज धन त्रयोदशी पर्व धन्वंतरि- जयंती है !
यह परम सत्य आदि काल से सर्वविदित है,
जग के पालनकर्ता भगवान श्री विष्णु जी हैं !
समुद्र मंथन के समय चौदह रत्न जब मिले ,
अंत में अमृत कलश मिले यह घटना सच्ची है !
धन्वंतरि आयुर्वेद के जनक चिकित्सा देव हैं,
उनमें आंतरिक शक्ति ज्ञान, विवेक से भरी हुई है !
क्षणभंगूर जीवन में लोभ लालच करना व्यर्थ है,
धन धान्य से पूरित ,पर मन की अवस्था गिरी हुई है !
तन रूपी कलश भरते मन में एक आह्लाद हैं,
उत्साह ,उमंगों का, दीप तब स्वत: प्रज्वलित है !
आध्यात्मिक प्रकाश में ज्योतिर्गमय मन है,
मन को समाधिस्थ करने की यही कथा प्रचलित है !
