SNEHA NALAWADE
Inspirational
हम और हमारा देश
हम जहाँ पर रहते हैं
जिस देश में रहते हैं
हमारे देश में अलग
अलग परंमपरा है
जहाँ पर अलग अलग
तरह के लोग रहते हैं
जहाँ पर अलग धर्म
और जाति के लोग हैं
उनकी सोच काफी
अलग होती है
जिसके चलते आगे
बहस होती है
हम बस एकता के साथ
मिल जुलकर रहे
लम्हे
त्याग...
वो पल...
फिर एक पहल रि...
नारी...
अध्यापिका...
बेरोजगारी...
बचपन...
एक सैनिक
वक्त....
दुनिया में सबसे बड़ी ताकत एक सकारात्मक विचार है। दुनिया में सबसे बड़ी ताकत एक सकारात्मक विचार है।
जिसका विश्व भर को था इंतजार वैक्सीन वो गई आज ! जिसका विश्व भर को था इंतजार वैक्सीन वो गई आज !
मगर, यह गुजरती भी नहीं, अपनों के बिना। मगर, यह गुजरती भी नहीं, अपनों के बिना।
संसार अजन्मा ही रहेगा, जब जननी ही नहीं रहेगी। संसार अजन्मा ही रहेगा, जब जननी ही नहीं रहेगी।
जो कुछ सोचा भी नहीं था वो सब हो रहा है अनजाने में इंसान इंसान की ही जान ले रहा है जो कुछ सोचा भी नहीं था वो सब हो रहा है अनजाने में इंसान इंसान की ही जान ले रह...
ये है वतन हमारा अब नहीं चलेगा गुंडा राज तुम्हारा। ये है वतन हमारा अब नहीं चलेगा गुंडा राज तुम्हारा।
जिंदगी तो वो 'ताज' है जो हर इंसान को बनाती 'खास' है।। बस यही तो बात है इस जिंदगी मैं।। जिंदगी तो वो 'ताज' है जो हर इंसान को बनाती 'खास' है।। बस यही तो बात है इस जिं...
आज यादें बनाओ और अपने जीवन का जश्न मनाओ ! आज यादें बनाओ और अपने जीवन का जश्न मनाओ !
सब ठीक हो जाएगा एक दिन, बस यही एक ख्वाब देखा है। सब ठीक हो जाएगा एक दिन, बस यही एक ख्वाब देखा है।
ये पेड़ सुखी बनाते हैं जीवन में आधार बनाते हैं। ये पेड़ सुखी बनाते हैं जीवन में आधार बनाते हैं।
क्यों रोशनी तू ज़माने में ढूंढे, तेरी मशालें हैं ख्वाब तेरे..... क्यों रोशनी तू ज़माने में ढूंढे, तेरी मशालें हैं ख्वाब तेरे.....
जीवन का उपहार एक बार मिले न मिले यह दोबारा। जीवन का उपहार एक बार मिले न मिले यह दोबारा।
किसी की दुआ का हिस्सा बनते हैं चल ना आज थोड़ा पीछे चलते हैं। किसी की दुआ का हिस्सा बनते हैं चल ना आज थोड़ा पीछे चलते हैं।
फुट पड़ेंगी नई कोपलें ओर बह चुका होगा जो तुम्हारे भीतर छुपा था।। फुट पड़ेंगी नई कोपलें ओर बह चुका होगा जो तुम्हारे भीतर छुपा था।।
तुम उस वक़्त थे इसलिए भला हुआ की तुम चले गए। तुम उस वक़्त थे इसलिए भला हुआ की तुम चले गए।
खड़ी सामने लहर दूसरी,है अमूल्य समझें यह जीवन । खड़ी सामने लहर दूसरी,है अमूल्य समझें यह जीवन ।
मालिक के दया पे तुम हो तुमपे मालिक नहीं हमशा याद रख़ना की उचाई है तो खाई है। मालिक के दया पे तुम हो तुमपे मालिक नहीं हमशा याद रख़ना की उचाई है तो खाई है।
जैसे वो अमावस में पूनम बनता है कर्मवालों के आगे ये जग झुकता है। जैसे वो अमावस में पूनम बनता है कर्मवालों के आगे ये जग झुकता है।
तो मज़े करो आपके विशेष क्षण, तितली की तरह, धूप में। तो मज़े करो आपके विशेष क्षण, तितली की तरह, धूप में।