STORYMIRROR

SNEHA NALAWADE

Abstract

2  

SNEHA NALAWADE

Abstract

लम्हे

लम्हे

1 min
132

जिंदगी के सफर में हम जो चाहते हैं वही नहीं मिलता 

जो कभी चाहा भी नहीं होगा वही मिल जाता है 

जिंदगी में कुछ यादगार पल होते हैं 

जिनहे हम कभी नहीं भूल पाते हमारे साथ यादो के सहारे रहते हैं 

पर उन यादो को हम हमेशा कैद रखते हैं हमारी ऑखो में 

उन पलो को खुल कर जीते हैं जिंदगी भर के लिए 

बस और क्या चाहिए आखिर जिंदगी से !


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract