वक्त....
वक्त....
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ना वक्त किसी के लिए रूकता है
ना ही वापस लौटकर आता है
यह एक कटु सत्य है
हमे इस बात को समझना होगा
जो वक्त हाथ से चला गया है वो चला गया है
उस पर चर्चा करने से हाथ में कुछ नहीं आता
बस खुद को ही तकलीफ़ होती है
तो बेहतर है की जो चीजें है वैसे ही चलने दो
तो वक्त को चलने दो बस अपना काम करने दो...
