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SNEHA NALAWADE

Abstract

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SNEHA NALAWADE

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वो पल...

वो पल...

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वो भी क्या पल थे जब हम बातें किया करते थे 

एक दूसरे से मिलना बातें करना ज्यादा तर 

तो सब कुछ नजरों से ही होता था परंतु 

अभी इस माहमारी की वजह से बाते सिर्फ मोबाइल पर ही होती है 

सामने बैठकर बाते कब होगी भगवान ही जाने 

पर हमे खुद पर और भगवान पर विश्वास रखना होगा

आज नहीं तो कल सब कुछ ठीकक हो जाएगा 

जल्दी ही वो जानती सारे पल वापस आयेंगे...!


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