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पायल चूड़ियाँ पैर कोई डर नहीं चाह है तकलीफ हमारी सबसे बङी भूल है ।हम नहीं जानते हैं कि मेरे साथ चलने वाली राहें बिलकुल ठीक है भुला नहीं पाऊंगा चर्चा मुझ पर बड़ा आभार चलने लगी मेरी श्वांस बेटियां दो किसी भी चाहत के लिए खुद को तवाह या बरबाद करना बेहतर हमें जीना चाहिए जब मिला आपका साथ मिटने वाला है अंधेरा मंजिल hindi kavita

Hindi चलने Poems