STORYMIRROR

Bindiyarani Thakur

Inspirational

3  

Bindiyarani Thakur

Inspirational

डर के आगे जीत है

डर के आगे जीत है

1 min
11.3K

जीवन में कुछ भी ना,

 तुम कर पाओगे ,

 अगर तुम,

खतरों से भय खाओगे।

हाथों में हाथ धरे, 

घर में बैठ जाओगे ,

क्या ख़ाक पुरूष तुम, 

फिर कहलाओगे।

डर डर कर जीना भी ,

कोई जीना है,

कठिन परिश्रम ही,

असल में इंसान का,

कीमती गहना है ।

हर डर को,

तुम हरा दो,

इस दुनिया को,

कुछ कर के दिखा दो।।



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational