STORYMIRROR

Anupama Sham

Romance Action Inspirational

4  

Anupama Sham

Romance Action Inspirational

ढूंढना

ढूंढना

1 min
213

ढूंढू तुम्हें कहा मैं

क्यों हो तुम इतने गुम

गुमसुम गुमसुम क्यों हो तुम

है मेरी ज़िंदगी तेरे बिना सुन


कब तुम मुझसे बातें करोगे

कब तुम मेरी बातें सुनोगे

कब हम तुम एक होगे

कब तुम अपनी चुप्पी तोड़ोगे


ढूंढ रही हू मैं तुम्हारी आंखों में कुछ जवाब

देखती हू मैं तेरे ही ख्वाब

तुम्हारा चेहरा है मेरे लिए शुभ लाभ

ओ मेरे प्यारे जनाब।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance