ढूंढना
ढूंढना
ढूंढू तुम्हें कहा मैं
क्यों हो तुम इतने गुम
गुमसुम गुमसुम क्यों हो तुम
है मेरी ज़िंदगी तेरे बिना सुन
कब तुम मुझसे बातें करोगे
कब तुम मेरी बातें सुनोगे
कब हम तुम एक होगे
कब तुम अपनी चुप्पी तोड़ोगे
ढूंढ रही हू मैं तुम्हारी आंखों में कुछ जवाब
देखती हू मैं तेरे ही ख्वाब
तुम्हारा चेहरा है मेरे लिए शुभ लाभ
ओ मेरे प्यारे जनाब।

