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Sunayana Borude

Romance

3  

Sunayana Borude

Romance

चुप्पी

चुप्पी

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क्यु गुमसुम से हो तुम

कुछ बोलो ना

राज ये दिल का कैसा है

तुम भी चुप्पी खोलो ना


बहारों सी है तू

एक परी जैसे चली

तेरे दीदार से

रौशन हुई हर गली...

अब सब्र नहीं होता

और तडपाओ ना

बस नजरें मिला दो

मान जाओ ना.....

धडकन हार दी तुम पर

मेरे प्यार को यूं तोलो ना....

राज ये दिल का कैसा है

तुम भी चुप्पी खोलो ना...


क्यु गुमसुम से हो तुम

कुछ बोलो ना

राज ये दिल का कैसा हैं

तुम भी चुप्पी खोलो ना!


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