STORYMIRROR

Kawaljeet GILL

Abstract Inspirational

4  

Kawaljeet GILL

Abstract Inspirational

चलते चलते.....

चलते चलते.....

1 min
384

चलते चलते यूँ ही रुक जाते है हम 

तेरे इन्तजार की घड़ियां गिनने लगते है

कब आओगे तुम ये सवाल खुद से करते है

फिर चन्द कदम चल पड़ते है हम ।


कुछ अनकही बाते रह ही जाती है रोज

चाहे हम हज़ार बाते अपने दिल की बयां कर दे

आसान नहीं हर बात को लिख पाना 

कुछ ना कुछ अक्सर हम भूल ही जाते है ।


तुझसे वादा है मेरा हर वादा हम निभाएंगे,

तेरा साथ ना कभी छोड़ेंगे हर पल तेरे साथ साथ रहेंगे,

हाथों में चाहे हाथ हो ना हो दिलों से दिल जुदा ना होंगे,

तन्हा हम चल रहे है हाले दिल लिखते है,


मिलेंगे एक रोज हम ये तुम हमसे कहते हो,

तेरा इन्तजार हम हर पल हर घड़ी करते है,

ज़माना चाहे कुछ भी कहे हम तुझपर यकीन करते है,

दिलों का बंधन ये टूटेगा नहीं ये वादा हमारा तुमसे है ।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract