STORYMIRROR

मधु प्रधान मधुर

Abstract

3  

मधु प्रधान मधुर

Abstract

चलो चलें सूरज के गांव १ (कवी-श्री शिवनारायण जौहरी

चलो चलें सूरज के गांव १ (कवी-श्री शिवनारायण जौहरी

1 min
61


चलो चलें सूरज के गाँव!

चलो चलें अपने ही पाँव!!


सारा तम कैद किए

पुलकन के जाम पिए

मध का घट साथ लिए

छलका रे झूम झूम

चलो चलें सूरज के गाँव!


तुम भी चलो हम भी चलें 

मोती और सीप चलें

द्रोह, द्वेष, डाह जलें!


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract