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Rahul Gusain

Tragedy

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Rahul Gusain

Tragedy

चल पड़े हम क्यों

चल पड़े हम क्यों

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चल पड़े हम क्यों

एक ऐसे पथ की राह पर

खुद को इंसान कहने पर भी

लज्जा आती अब जुबान पर !! 


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