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संजय असवाल "नूतन"

Inspirational Others Children

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संजय असवाल "नूतन"

Inspirational Others Children

छोटी सी पेंसिल (बाल कविता)

छोटी सी पेंसिल (बाल कविता)

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छोटी सी पेंसिल, बड़ी है बात

लिखती सपने, देती सौगात,

नोक से इसके रेखा बनती

बच्चों के हाथ में दुनिया रंगती।


गहरी काली, लकीर जो खींचे

पढ़ने-लिखने का सुख ये सींचे,

हो जाए गलती तो रबड़ है पास

लिखने का मिलता गजब विश्वास।


पेंसिल बोली, मुझे प्यार करो

सफाई से रख सम्मान करो,

कदम मिला संग तेरे चलूंगी

सपनों को तेरे सच कर दूंगी।


स्कूल का बैग या लिखने की बात

पेंसिल बनाती हर दिन खास,

बच्चों इसे, ना तुम भूल जाना

संग रख इसे, तुम ज्ञान बढ़ाना।


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