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Kanchan Kushwaha

Romance Tragedy

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Kanchan Kushwaha

Romance Tragedy

चाहा था

चाहा था

1 min
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वक्त रोकना चाहा था...

इक बार टोकना चाहा था...

जा रहे थे जब तुम छोड़ मुझे..

तुम्हारी बाहों में सिमट जाना चाहा था..!!

जीवन भर का वादा तुमने..

आखिर तोड़ भी कैसे पाया था..!!

सपने में भी नही सोचा जो..

वो तुमने उस पल करके दिखाया था..!!

साथ हमेशा दोगे तुम..

सायद मैंने झूठा वादा करवाया था..!!

तुम चले गए मुझे भूल गए..

शायद किसी और को तुमने दिल से चाहा था..!!


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