STORYMIRROR

Deepti Tiwari

Inspirational

3  

Deepti Tiwari

Inspirational

बुलंद हौसला

बुलंद हौसला

1 min
164

फिर ऊँची उड़ान की चाहत सीने में लिये

किसी ऊंचाई से गिरने का मन कर गया,

आज गिरी,कल फिर गिरूंगी

पर एक दिन ऊँची उड़ान भरूंगी.

कभी थककर ,कभी रूककर 

फिर से चलूंगी,

ना रूकना है ना रूकूंगी,

ना थकना है ना थकूंगी,

आज फिर ऊंची उडा़न की चाहत सीने में लिये किसी 

उचाई से गिरूंगी.

अब आसमान की उचाइयों को नापना है

उड़ने का हौसला बाधना है,

थककर अब नहीं बैठना है

आज फिर ऊची उड़ान भरना है

धरती से आसमान को चूमना है!


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational