Sagar Wagh
Tragedy
किसीके सपने,
किसी के घर
जल रहे थें
बस्तियों में,
कोई रो रहा था,
कोई हँस रहा था
बस्तियों में।
प्रेम
बस्ती
शहर
जहाँ आबरू सरे आम लूटी जाती है, ज़िंदा लाश बनी लड़कियाँ , घोंटी जाती है। जहाँ आबरू सरे आम लूटी जाती है, ज़िंदा लाश बनी लड़कियाँ , घोंटी जाती है।
आओ सुनो तुम मेरी ज़ुबानी, मेरी ही ये दास्तां मुझसे ही तुम आये हो, पहले हूँ मैं तुम्हारी आओ सुनो तुम मेरी ज़ुबानी, मेरी ही ये दास्तां मुझसे ही तुम आये हो, पहले हूँ मैं...
पत्थर में भी भगवान पूजे जाते शक्ति की भक्ति नारी मर्यादा! पत्थर में भी भगवान पूजे जाते शक्ति की भक्ति नारी मर्यादा!
खांसने पर मुलैठी को चिंगम जैसे चबाने को देती थी आंगन की तुलसीपत्तों का काढ़ा बुखार में खांसने पर मुलैठी को चिंगम जैसे चबाने को देती थी आंगन की तुलसीपत्तों का काढ़ा ब...
रोजी रोटी के लाले फिर से आई विपदा भारी है, आना जाना बन्द हुआ पर ऊपर जाना जारी है। रोजी रोटी के लाले फिर से आई विपदा भारी है, आना जाना बन्द हुआ पर ऊपर जाना जारी...
है चीन से फैला जहर, ईरान पे टूटा कहर इटली और अमेरिका भी बन गया, श्मशान का सा मंजर, है चीन से फैला जहर, ईरान पे टूटा कहर इटली और अमेरिका भी बन गया, श्मशान का सा ...
बोले मुझ से दूर हट यहाँ से, लगता है तेरा मुख जैसे ‘नर’। बोले मुझ से दूर हट यहाँ से, लगता है तेरा मुख जैसे ‘नर’।
हम कितने नादान है, जिनसे घर हुए श्मशान है, उन्हीं दोगले लोगों को बता रहे मित्र, ज़माने हम कितने नादान है, जिनसे घर हुए श्मशान है, उन्हीं दोगले लोगों को बता रहे मित्र,...
ले चल ऐ जिंदगी मुझको और कहीं जहाँ तु रहें मैं रहूँ और कोई नहीं ! ले चल ऐ जिंदगी मुझको और कहीं जहाँ तु रहें मैं रहूँ और कोई नहीं !
शायद मेरे गुनाहों की सजा है, आज पटरियों पर अकेली है।। शायद मेरे गुनाहों की सजा है, आज पटरियों पर अकेली है।।
मां....... मां........ तू सुन रही है ना मां? यहां वहां मत ढूंढ मुझे। मां....... मां........ तू सुन रही है ना मां? यहां वहां मत ढूंढ मुझे।
ठाना था तभी मन में तुम्ही हो मेरी जीवन संगिनी ठाना था तभी मन में तुम्ही हो मेरी जीवन संगिनी
दिल की खुशियां कैसे दो पल में मर जाती हैं जब एक अविश्वसनीय घटना घट जाती है. दिल की खुशियां कैसे दो पल में मर जाती हैं जब एक अविश्वसनीय घटना घट जाती है.
हाय कृषक जूझ रहा,कृषि के मैदानों में, फसलों की स्पर्धा खरपतवार, जल, सूर्य ऊर्जा से ले. हाय कृषक जूझ रहा,कृषि के मैदानों में, फसलों की स्पर्धा खरपतवार, जल, सूर्य ऊर्...
ऐसी पूजा के बाद कुछ छोड़ कर दुनिया का मोह कूद जातीं हैं घरों की छतों से, चलती रेलों से ऐसी पूजा के बाद कुछ छोड़ कर दुनिया का मोह कूद जातीं हैं घरों की छतों से, चलती...
घर छोड़ा तो ज़िंदगी ने मुसाफिर बना दिया अपनी ही ज़मीन पर अपनों ने काफिर बना दिया। घर छोड़ा तो ज़िंदगी ने मुसाफिर बना दिया अपनी ही ज़मीन पर अपनों ने काफिर बना दिया...
दोगले कानून यहां दोगली सरकार है आम आदमी अपने घर में कैद है दोगले कानून यहां दोगली सरकार है आम आदमी अपने घर में कैद है
पापा की परी कहलाती हैं कहीं, कहीं नवरात्रों में पूजी जाती हैं बेटियाँ ..... पापा की परी कहलाती हैं कहीं, कहीं नवरात्रों में पूजी जाती हैं बेटियाँ .....
हुक्मरान कहते है एक लहर आयी थी आकर चली गयी. हुक्मरान कहते है एक लहर आयी थी आकर चली गयी.
तुम गये कहाँ, तुम कहाँ गये, हो दूर मेरी तनहाई से ।। तुम गये कहाँ, तुम कहाँ गये, हो दूर मेरी तनहाई से ।।