STORYMIRROR

Sagar Wagh

Romance

3  

Sagar Wagh

Romance

प्रेम

प्रेम

1 min
67

तुमसे मिलने से पहले

मैंने कभी नहीं जाना था

प्रेम शब्द का अर्थ ?

तुम्हे देखता हूँ तो समझ

आती है प्रेम की व्याख्या..


तुम्हारी हर वो बात जोड़ती 

है प्रेम के हर कच्चे धागे को

बड़ी शीतलता से..


तुम्हारे नाम की तरह 

'विमल' होना चाहिए प्रेम

किसी दो हृदय के भीतर..


इस बैरागी को सिखाया तुमने

प्रेम बड़ी कोमलता से..


प्रेम अंतर्मन की आत्मा का मिलन है,

प्रेम विचलित मन की स्थिरता है,

प्रेम गंगा और शिव का मिलन है,

प्रेम त्याग का प्रमाण है।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

More hindi poem from Sagar Wagh

प्रेम

प्रेम

1 min पढ़ें

बस्ती

बस्ती

1 min पढ़ें

शहर

शहर

1 min पढ़ें

Similar hindi poem from Romance