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Shailaja Bhattad

Abstract

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Shailaja Bhattad

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बशर

बशर

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उदासी का नकाब ओढ़े जब घर में बंद है शहर

तब जिंदगी लेकर घूम रहे हैं कुछ बशर।


अपनी सांसों से दूसरों की सांसें घटा रहे हैं ये बशर

जाने किसका पैगाम कहां-कहां फैला रहे हैं ये बशर।


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