STORYMIRROR

Pratima Yadav

Tragedy

4  

Pratima Yadav

Tragedy

बस आप याद आते हैं

बस आप याद आते हैं

1 min
12

जब हम अपने दर्द को किसी से कह नहीं पाते,

ढंग से रो नहीं पाते,

ठीक से सो नहीं पाते तब "हे कृष्ण" उस वक़्त बस आप याद आते हैं।

जीवन के दुख में जब कोई साथ न दे,

तब ठीक से रह नहीं पाते, दुख से लड़ नहीं पाते। ठीक से खा नहीं पाते.......

तब "हे कृष्ण" उस वक़्त बस आप याद आते हैं।

जब हम अपने मन की व्यथा को ठीक से बता नहीं पाते, किसी को समझा नहीं पाते....

जब कोई भी नहीं समझता तो "हे कृष्ण" उस वक़्त बस आप याद आते हैं।


जब मन उदास हो,

मन में कुछ जज्बात हो,

जब मन सीहर उठे परेशान होकर

तब "हे कृष्ण " उस वक़्त बस आप याद आते हैं।

अब है न कोई समझने वाला,

मन की बात को सुनने वाला....

आंसुओ को समेटने वाला....

तब "हे कृष्ण " उस वक़्त बस आप याद आते हैं।


जब से बड़ा हुए तबसे बस आप ही को जाना,

बस आप ने ही दुख में हाथ थामा,

हर कष्टों से आप ने ही उबारा...

बस हर जगह आप ही महसूस होते है...

तब "हे कृष्ण " अब हर पल बस आप ही याद आते हैं।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Tragedy