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Madhu Gupta "अपराजिता"

Fantasy Others

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Madhu Gupta "अपराजिता"

Fantasy Others

"बर्फ़ की वादियाँ "

"बर्फ़ की वादियाँ "

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कैसा मौसम सुहाना है बड़ा दिलकश नज़ारा है, 

बिछी है बर्फ़ चारों ओर हर एक हो राहा दीवाना, 

बच्चों से बड़े तक हो रहे मुरीद इस मौसम में, 

लुत्फ़ हर कोई ले राहा है यहाँ अपने तरीके से.....!! 


वादियाँ हो बर्फ़ से ढकी तो लोगों को आकर्षित करती है, 

घूमने आते हैं वहाँ हर साल ना जाने कितने ही सैलानी, 

बिताते है वक़्त अपना हसीं बर्फ़ की वादियों संग, 

पहाड़ों की लोकप्रियता इसमें चार चाँद लगाती है....!!


बर्फ़ की वादियाँ हर दिन कहानी इक नई सुनाती है, 

लिपटी रहती है सफ़ेदी से बर्फ़ को अपना चादर बनाती है, 

जब पड़ती है किरण सूरज की खिल कर सोना बिखराती है, 

जब डलता है सूरज नीचे को तब ठंड से सिमट जाती हैं.....!! 


बर्फ़ से भरा मौसम कभी तो लगता बड़ा मनभावन होता है, 

कभी देता है तकलीफ़, जिनके पास साधन नहीं होते, 

बेहद मुश्किल जीवन यापन वहाँ करना हो जाता है, 

कंपकंपाती है हड्डियां और बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है....!! 



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