बीते हुए दिन...…. चोरी हुए दिन
बीते हुए दिन...…. चोरी हुए दिन
हां सच ज़िंदगी में चोरी हुए दिन होते हैं।
तेरे मेरे मिलने के चोरी हुए दिन याद हैं।
संग हम तुम घूमते बांहों में भरना याद हैं।
एहसास और इकरार के चोरी हुए दिन बीते हैं।
हमारे जीवन में हम सभी के चोरी हुए दिन हैं।
यादें और हम सब के साथ चोरी हुए दिन हैं।
स्कूल कालेज के चोरी हुए दिन याद आते हैं।
सच तो हम चोरी हुए दिन जीवन में कहते हैं।
चोरी हुए दिन याद हमें गुदगुदा भी जाते हैं।
हमारे जीवन के पड़ावों पर याद हमें आते हैं।
चोरी हुए दिन कहे या बीते हुए दिन होते हैं।
शब्दों में ही तो हम सभी अपने जीवन जीते हैं।
