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Paramita Basak

Romance

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Paramita Basak

Romance

बिछड़े न कभी अपने

बिछड़े न कभी अपने

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दिल में दस्तक देती है

प्यार तेरा ऐ ज़िन्दगी,

तुझ बिन कभी न कुछ चाहा

तू ही तो है मेरी बंदगी।

महबूब की आंखो में दिखे 

प्यार वह किस्मत है हमारी,

हर किसी के नसीब में 

कहां होती है

प्यार मोहब्बत यारी।

बसंत आया है ले के

अपनी ही ज़ुबानी,

चल बनाएं आज कोई

नयी कहानी ।

शाखो में हैं फूल खिले

आँखों में हैं सपने,

दिल की धड़कन कहे

बिछड़े न कभी अपने।

 


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