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बहुत कुछ बाकी है अभी...

बहुत कुछ बाकी है अभी...

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अभी तो चंद लफ्जों में समेंटा है तुझे

ऐ! जिंदगी

अभी तो सूखे आँसुओं में

दफ्न तेरी मुस्कुराहटें

लिखना बाकी है...


अभी तो खोखले किरदार में

ढ़ाला है तुझे

ऐ! जिंदगी

अभी तो अपनी हारों को

स्वीकार कर

रोशनी बिखेरना बाकी है...


अभी तो घुटन भरे रिश्ते में

छिपाया है तुझे

ऐ! जिंदगी

अभी तो मुस्कुराहटों के

गेटअप से

समझौते का मेकअप

उतारना बाकी है...


अभी तो वक्त के सच से

झुठलाया है तुझे

ऐ! जिंदगी


अभी तो अपनी

आकांक्षाओं को

महत्वाकांक्षाओं

से तौलना बाकी है...


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