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भोजपुरी कजरी 8 -बरखा बहार हो

भोजपुरी कजरी 8 -बरखा बहार हो

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रिमझिम बरसे बरखा बहार हो

उठे मनवा हिलोर मोर सजना

धनवा रोपाई गईले, मकई बोवाई गईले

आवा लुटल जा सावन के बहार हो

उठे मनवा हिलोर मोर सजना

तुटही मड़ईया मोरा टप टप चुयेला

ननहका लइकवा खूब रहि रही रोवेला

घरवा बहे जईसे नदिया लहार हो

उठे मनवा हिलोर मोर सजना

 

घरवा दीवार मोरा झप झप गिरेले 

ससुर हमार चउरा माड़ खाली पीयेले

दुखी भईले मोर घर संसार हो 

उठे मनवा हिलोर मोर सजना

पीएम मोदी घर योजना चलवले

गउआ मे सबकर भवना बनवले

बनवाई देता तनी घरवा हमार हो

उठे मनवा हिलोर मोर सजना


चूल्हिया फूंकत मोर अँखिया पिरइली

लकड़ी गोइठा बिनत देहिया दुखइली

उज्जवला से घरवा करा उजियार हो

उठे मनवा हिलोर मोर सजना



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