भजन
भजन
भजन
मिट्टी की काया के पंछी
यूंही उम्र गवायेगा
दुनिया के पिंजरे में रह कर
कुछ न तू कर पायेगा
ब्रह्मा -विष्णु महेश का जप ही
पिंजरा खोल उड़ायेगा
मोह,माया के जाल में रह कर
राम नाम जब ध्यायेगा
काम-क्रोध और लोभ त्याग कर
परम शान्ति को पायेगा
ब्रह्मा- विष्णु महेश का जप ही
पिंजरा खोल उड़ायेगा
मन का पंछी पंख फैला के
चार धाम उड़ जायेगा
राम नाम की माला जप कर
जग से मुक्ति पायेगा
ब्रह्मा-विष्णु महेश का जप ही
पिंजरा खोल उड़ायेगा
