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shekhar kharadi

Classics Inspirational

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shekhar kharadi

Classics Inspirational

भिक्षुणी

भिक्षुणी

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हे गौतम बुद्ध

मुझे अर्पण कर दें !


भिक्षा पात्र में

प्रेम, करुणा, संवेदना 

मैं तत्पर ग्रहण कर लूँ


निस्वार्थ हृदय में

भिक्षुणी बनकर

संघ के पथ पर चलने

कबसे उत्सुक थी।


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