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Shivam Bashyan

Tragedy

4.5  

Shivam Bashyan

Tragedy

भेद

भेद

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भगवान मैंने तुझे भी भेद करते देखा हैं,

जो शायद मानता भी नहीं तुझे,

उसको महलों में सोते देखा है।

और जो मूर्ति बनाकर पूजता है तेरी,

उसे सड़को पर रहते देखा हैं।।


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