भाग्य विधाता शिक्षक
भाग्य विधाता शिक्षक
शिक्षक ज्ञान ज्योति से कर आलोकित जीवन।
बो शिक्षा के बीज, संस्कारित कर उस का तन-मन ।
डांट से, प्यार से, समझाकर जीवन राह
दिखा जाते हैं।
पुत्रवत कर प्यार, वरदान बन आदर्श हमारे होते हैं ।
जो गढे माटी से इंसान, सही गलत की करा पहचान।
भविष्य के नन्हे सपूतों के लिए कर दे स्वजीवन कुर्बान।
शिक्षक दिवस पर ले यह संकल्प करें न उनका अपमान।
कलम लिपिबद्ध कर जब लिखती याद आते वे महान।
पर आज कुछ शिक्षक अपने कर्तव्य से मुख मोड़ रहे हैं ।
मां मां शारदे की पुजारी आज लक्ष्मी की बाट जोह रहे हैं ।
धन्यवाद शिक्षक आज हम आपको कह रहे हैं ।
अपने विद्यालयों में पुराने शिक्षकों की राह तक रहे हैं ।
