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Dr. Vijay Laxmi"अनाम अपराजिता "

Inspirational

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Dr. Vijay Laxmi"अनाम अपराजिता "

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भाग्य विधाता शिक्षक

भाग्य विधाता शिक्षक

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शिक्षक ज्ञान ज्योति से कर आलोकित जीवन। 

बो शिक्षा के बीज, संस्कारित कर उस का तन-मन ।

डांट से, प्यार से, समझाकर जीवन राह

दिखा जाते हैं।

पुत्रवत कर प्यार, वरदान बन आदर्श हमारे होते हैं ।

जो गढे माटी से इंसान, सही गलत की करा पहचान। 

भविष्य के नन्हे सपूतों के लिए कर दे स्वजीवन कुर्बान। 

शिक्षक दिवस पर ले यह संकल्प करें न उनका अपमान।

कलम लिपिबद्ध कर जब लिखती याद आते वे महान। 

पर आज कुछ शिक्षक अपने कर्तव्य से मुख मोड़ रहे हैं ।

मां मां शारदे की पुजारी आज लक्ष्मी की बाट जोह रहे हैं ।

धन्यवाद शिक्षक आज हम आपको कह रहे हैं ।

अपने विद्यालयों में पुराने शिक्षकों की राह तक रहे हैं ।

      


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