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Amit Dwivedi Ram

Romance

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Amit Dwivedi Ram

Romance

बेवफा से वफा

बेवफा से वफा

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तू मुझे मिले या न मिले इसका मुझे ग़म नहीं

तेरे जुदा होने से होंगी मेरी आँखे नम नहीं


तूने ओ बेवफा बनाया दिल मेरा पत्थर का

है तू गुजरा हुआ पल पहले वाला मेरा सनम नहीं


तेरे संग बीता हर लम्हा अन्जाने में भी

आएगा याद नहीं

तू याद करके तड़पे हर पल हर लम्हे को

करूँगा ख़ुदा से ये भी फरियाद नहीं


मेरे हाथों में तेरे नाम की लकीर नहीं ये

मैंने माना मगर

है हमें जुदा करने की ताकत नहीं

तकदीर में तू देती साथ मेरा अगर


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