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Indra narayan Rai

Inspirational

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Indra narayan Rai

Inspirational

बेटियाँ

बेटियाँ

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घर सँवारती, घर सम्हालती, घर भी बनाती बेटियाँ ।

कौन है ऐसा काम जिसे ये , कर नहीं सकती बेटियाँ ।।


ऐसा कोई पद ही नहीं, जिसको न सुशोभित कर सकती,

चाहे  सुरक्षा - सेवा शासन , देश चलाती  बेटियाँ ।

गुड़िया बेटी , बढ़ती बेटी , पढ़ती बेटी , गढ़ सकती ,

बचपन से ही समझदार हो, आगे  बढ़ती बेटियाँ ।।


पुत्री , बहना , अर्धांगनी , माँ , दादी बनती हैं बेटियां ।

मातृ - पितृ कुल ,सास- श्वसुर कुल ,सेवा करती बेटियाँ ।।

सुन्दरता की देवी बेटी, शील - मान - सम्मान है बेटी ।

करुणामयी है , ममतामयी है , प्यारी सबकी बेटियाँ ।।


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