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Ruchika Rai

Abstract Inspirational

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Ruchika Rai

Abstract Inspirational

बेरंग जिंदगी में

बेरंग जिंदगी में

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बेरंग जिंदगी में रंग भर दें,

चलो होली के रंग में रंग दें,

नफरत की दीवार तोड़ कर,

आओ प्रेम को संग कर दें।


बुराई की होलिका जलाएं,

अपने कलुषित विचारों को मिटाएं,

नहीं तकलीफ हो किसी मन में

चलो कुछ इस तरह त्योहार मनाएं।


प्रेम के रंग में रंगे सभी,

साज छेड़े मन में कभी,

फाग के धुन पर मन नाचे,

ऐसे भेदभाव मिटे सभी।


सतरंगी रगों सा अरमान सजाएं,

चलो इंद्रधनुषी रंग हैं लगाएं,

भीगे तन बदन प्रेम के रंग में,

ढोलक के थाप पर सबको नचायें।


त्योहार की खुमारी रहे,

मन में न लाचारी रहे,

पकवान की खुशबू से

जीभ है पनियाली रहे।


आओ सबको गले लगाएं,

अपने होने का एहसास दिलाएं,

मिल जुलकर रहे सब एक साथ

एक दूजे के रंग में रंग जाएं।


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