STORYMIRROR

Sushant Kushwaha

Romance

4  

Sushant Kushwaha

Romance

बड़ा अंधेरा है

बड़ा अंधेरा है

1 min
415

जीवन में रोशनी बनकर आओ बड़ा अंधेरा है

जीवन के हर पल को महकाओ बड़ा अंधेरा है


मेरे जिंदगी में रखो पाँव बनजाओ मेरी छांव

काली सियाह रात सी ढलजाओ बड़ा अंधेरा है


ग़म के साये से जकड़ा है जीवन चारो तरफ

आकर चांदनी सा मुस्कराओ बड़ा अंधेरा है


ख़्याल में तो रोज दस्तक दे जाती है तुम

हक़ीक़त का भी हवस बुझाओ बड़ा अंधेरा है


खुली है बाहें तेरे इन्तजार में बस

भगकर आओ और लगजाओ बड़ा अंधेरा है


बीते जिंदगी को कर दो नजरअंदाज

बाँकी बची जिंदगी में साथ निभाओ बड़ा अंधेरा है!


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance