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Sushant Kushwaha

Abstract

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Sushant Kushwaha

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जिंदगी

जिंदगी

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धूप छाँव का खेल है जिंदगी

अपने पराए का मेल है जिंदगी

ख़ुशी  मिले  तो  दुआ भी है

अगर ग़म मिले तो जेल है जिंदगी

समझ गए जिंदगी का रहस्य

तो फिर कुछ नहीं खेल है जिंदगी

ना समझ पाए रहस्य जिंदगी का

तो समझो दोस्त फेल है जिंदगी

सुनो लेलो मजा जीने का दोस्त

मत भूलो दिए का तेल है जिंदगी!


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