Ankita Khadake
Fantasy Children
जिंदगी का मक्सद पता नहीं था,
लेकिन उसी बचपन में बहुत सुकून था।
जीतने की खुशी थी,
और हार ने का गम था,
लेकिन क्या पता वहीं बचपन सही था।
पापा की डांट में भी मजा था,
और हमने तो डांट खाने के बाद ही
सब कुछ सीखा था।
बचपन
जिंदगी 3
हौसले
जिंदगी २
मंजिल
जिंदगी
कुछ समझ ना आए तो पानी उबाल के रखिए। कुछ समझ ना आए तो पानी उबाल के रखिए।
तुम प्रेम का गीत, हृदय का नांद हो मैंने संगीत को मौसम में घुलते देखा है तुम प्रेम का गीत, हृदय का नांद हो मैंने संगीत को मौसम में घुलते देखा है
दिल तो ले ही लिया तुमने घायल कर अपनी इन अदाओं से जान भी ये अब तुम्हारी है चाहे पूछ लो दिल तो ले ही लिया तुमने घायल कर अपनी इन अदाओं से जान भी ये अब तुम्हारी है चाह...
रूह से रूह ने मिलके सीखा देह का हर एक दाग़ छुपाना...! रूह से रूह ने मिलके सीखा देह का हर एक दाग़ छुपाना...!
आईं मिथिला की राजकुमारी वधू बनकर तुम्हारा अहोभाग्य था आईं मिथिला की राजकुमारी वधू बनकर तुम्हारा अहोभाग्य था
प्रतीक्षा सदा अच्छा नहीं होता है जान लें सभी। प्रतीक्षा सदा अच्छा नहीं होता है जान लें सभी।
मंत्रमुग्ध होकर इश्क़ की हरी ज़मीन पर जिंदगी के बाद भी, उम्र के बाद भी हमेशा के लिए। मंत्रमुग्ध होकर इश्क़ की हरी ज़मीन पर जिंदगी के बाद भी, उम्र के बाद भी हमेशा ...
वो कितना हसीन है पल , जहाँ मिलते हैं दो दिल वो कितना हसीन है पल , जहाँ मिलते हैं दो दिल
इक चूनर है जिसपर उसने खुद टांके थे चांद सितारे आज किसी ने पूछा मुझसे क्या रखा है पास इक चूनर है जिसपर उसने खुद टांके थे चांद सितारे आज किसी ने पूछा मुझसे क्या रखा...
या हर हासिल की ऊंचाई में एक खोखलापन रह जाएगा? या हर हासिल की ऊंचाई में एक खोखलापन रह जाएगा?
मलमल से अहसासों के ताने बाने में भावनाओं के धागे क्यों पिरो जाती हो मलमल से अहसासों के ताने बाने में भावनाओं के धागे क्यों पिरो जाती हो
इस हरे-भरे जंगल में, समय का कोई पता नहीं चलता। इस हरे-भरे जंगल में, समय का कोई पता नहीं चलता।
किताबों से यकीनन जी 'हिया' अब भर गया होगा वो मुद्दत बाद लौटा है मिरा दर खटखटाने को। किताबों से यकीनन जी 'हिया' अब भर गया होगा वो मुद्दत बाद लौटा है मिरा दर खटखट...
और हमारे प्यार से रिश्ता अब सपनों की दुनिया मे निभाया करो और हमारे प्यार से रिश्ता अब सपनों की दुनिया मे निभाया करो
मैं उनसे ज्यादा से ज्यादा पैसे कमाता रहूं और अपने परिवार को हर खुशी देता रहूं ! मैं उनसे ज्यादा से ज्यादा पैसे कमाता रहूं और अपने परिवार को हर खुशी देता रहूं...
यह बहती नदी भी मैं आज से तुम औरतों के हवाले कर रहा हूँ यह बहती नदी भी मैं आज से तुम औरतों के हवाले कर रहा हूँ
उसमें है जीवन की गाथा, हर राज का खुलासा। उसमें है जीवन की गाथा, हर राज का खुलासा।
कभी सामने आ खड़ी हो जाती है कभी कदमों के नीचे आ जाती है कभी सामने आ खड़ी हो जाती है कभी कदमों के नीचे आ जाती है
जिन्न ने कहा," जो हुक्म मेरे आका, इस वक्त की यही उचित मांग है।" जिन्न ने कहा," जो हुक्म मेरे आका, इस वक्त की यही उचित मांग है।"
ब्रज भूमि तो पिया की मोरे लीला का स्थल था, सीखना जो सबको पाठ अमर था ब्रज भूमि तो पिया की मोरे लीला का स्थल था, सीखना जो सबको पाठ अमर था