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Amrita Singh

Romance

2  

Amrita Singh

Romance

बावरा मन

बावरा मन

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मन बावरा हुआ है कुछ यूं 

मन बावरा हुआ है कुछ यूं 


उड़ता फिर रहा है

डगर डगर।


उड़ता फिर रहा है 

डगर डगर।


ढूँढता फिरे है तुझे 

इधर उधर !


तुझ को देखने को नयना 

है तरसे।


मन बावरा हुआ है 

देखो उड़ता फिरे।


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