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Ruchi Rachit Singla

Abstract

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Ruchi Rachit Singla

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बातें

बातें

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ये बातें अगर है होती,

तो आ जाते है पास,

बना देते है जीवन को खास,

अगर यह न होती,

तो बना देती उदास !


बातों ही बातों में,

दिल ऐ हाल होता है बयां,

रुठे को मानती,

उदासी दूर भगाती,

और जीवन को महकाती!!


हर अंदाज़ है ख़ास,

बहुत ही प्यारा एहसास,

कभी यह होती बोलकर,

तो कभी आँखों ही आंखों से,

ये बिन कहे,

बहुत कुछ कह जाती !


जब होती लड़ाई

तो आपस में बातें ही रंग लती,

नहीं तो चुपी,

बढ़ाती है सिर्फ,

रिश्तों में खटाई,

एक ऐसी खाई,

जो कभी न भर पाये !


उदासी भरे चेहरे,

ख़ुशी से खिल जाते,

जब शुरू हो जाती बातें !!


यह बातों से नाता,

पता नहीं कैसे,

कभी गहरी दोस्ती,

तो कभी रिश्तों में बदल जाता !


दर्द हर किसी को है यहाँ,

पर सुनने को कान है कहाँ,

सुनने को मिलता जो कही,

खिल जाता मन वही !


यह बातें बड़ी प्यारी,

सबसे न्यारी,

जीवन रूपी क्यारी,

की मनभावन फुलवारी !


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