STORYMIRROR

Neha Pandey

Inspirational

3  

Neha Pandey

Inspirational

बात हौसलें की है

बात हौसलें की है

1 min
298

हौसले को देखना है तो

सर्कस की रस्सी पर चल रहे

बच्चे को देखिए,

खौफ़ मौत का नहीं आँखों में

बस सवाल घर चलाने का है।


हौसले ग़रीबी-अमीरी के

दायरे नहीं रखते,

आशियाना उन्हीं को मिलता है जो

अपने इरादों पर अटल रहते हैं।


औकात क्या थी चटटानों की

कि वो टूटकर बिखरती नही,

माँझी  का हौसला था

जिसने पहाड़ को भी

समतल बना दिया।


जिंदगी मिली है तो

उतार-चढ़ाव भी आयेगे,

मसला तो ये है कि

आपके ख़यालात ये न होने पाए

कि बस यहीं ठहर जाएंगे।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational